रक्षाबंधन 2025: तारीख, शुभ मुहूर्त, इतिहास और महत्व”

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है

क्रमांक कारण / कथा विवरण
1. भाई-बहन का पवित्र रिश्ता बहन अपने भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए राखी बाँधती है, और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है।
2. इंद्र-इंद्राणी की कथा पौराणिक कथा के अनुसार, देव-दानव युद्ध में इंद्राणी ने इंद्र के हाथ पर रक्षा सूत्र बाँधा था, जिससे उन्हें विजय प्राप्त हुई।
3. कृष्ण-द्रौपदी प्रसंग महाभारत में, श्रीकृष्ण के हाथ में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी फाड़कर बांध दी थी। बदले में कृष्ण ने उसकी रक्षा का वचन दिया।
4. राजपूताना परंपरा इतिहास में, रानी कर्णावती ने मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर सुरक्षा की गुहार की थी, जिसे उसने निभाया।
5. सांस्कृतिक महत्व यह त्योहार प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के भाव को मजबूत करता है, चाहे रिश्ते खून के हों या भावनात्मक।
6. सामाजिक संदेश रक्षाबंधन आपसी भाईचारे, एकता और महिला सम्मान का प्रतीक है।

रक्षाबंधन 2025 – शुभ मुहूर्त (भारत, IST के अनुसार)

क्रमांक विवरण समय
1. रक्षाबंधन की तिथि 9 अगस्त 2025 (शनिवार)
2. पूर्णिमा तिथि (पुर्निमा तिथि) आरंभ: 8 अगस्त 2:12 PM, समाप्त: 9 अगस्त 1:24 PM
3. राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:47 AM से दोपहर 1:24 PM
4. अभिजित मुहूर्त (अति-शुभ कर्म समय) दोपहर 12:02 PM से 12:50 PM तक
5. राहु काल (अपशुभ समय) लगभग 9:08 AM से 10:47 AM तक (दिल्ली जैसे शहरों के लिए)
6. भद्रा काल इस बार भद्रा का प्रभाव नहीं होगा; यह अपशुभ अवधि समारोह से पहले ही समाप्त हो चुकी होगा

सारांश में:

  • राखी बांधने के लिए सर्वोत्तम समय सुबह 5:47 AM से 1:24 PM तक है।

  • अभिजित मुहूर्त (12:02 PM–12:50 PM) सबसे अशुभ समय माना जाता है, इसलिए यदि संभव हो — इसी समय राखी बाँधना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।

  • हालांकि, राहु काल (9:08 AM–10:47 AM) के दौरान पूजा से बचें।

  • इस वर्ष भद्रा समय उस दिन नहीं रहेगा, इसलिए आप पूरी समय सीमा में सुरक्षित रूप से राखी बाँध सकते हैं।

  • रक्षाबंधन पर सबसे  शुभ मिठाई
  • क्रमांक मिठाई का नाम शुभता का कारण
    1. लड्डू (बेसन/मोतीचूर) सौभाग्य और खुशहाली का प्रतीक, हर शुभ कार्य में प्रयोग।
    2. बरफी (खोया/नारियल) मीठे रिश्ते और शुद्धता का प्रतीक।
    3. रसगुल्ला रिश्तों में मिठास और ताजगी बनाए रखने का संदेश।
    4. गुलाब जामुन प्रेम, अपनापन और उत्सव का प्रतीक।
    5. काजू कतली समृद्धि और विशेष अवसर की मिठाई मानी जाती है।
    6. पेडा (केसर/मिल्क पेडा) धार्मिक और त्योहारों पर शुभ मा

 

रक्षाबंधन पर बहन को ये उपहार दे 

क्रमांक उपहार का प्रकार उदाहरण खासियत
1. पारंपरिक उपहार साड़ी, सलवार सूट, चूड़ी, पायल संस्कृति और परंपरा से जुड़ा, लंबे समय तक यादगार।
2. ज्वेलरी गोल्ड/सिल्वर पेंडेंट, रिंग, इयररिंग लंबे समय तक संजोकर रखने लायक और भावनात्मक।
3. मिठाई + गिफ्ट हैम्पर लड्डू, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट पैक त्योहार की मिठास बढ़ाने वाला उपहार।
4. गिफ्ट कार्ड/वाउचर अमेज़न, मिंत्रा, मेकअप स्टोर वाउचर बहन अपनी पसंद का सामान खुद चुन सके।
5. पर्सनलाइज्ड गिफ्ट नाम वाला मग, फोटो फ्रेम, कुशन यादगार और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने वाला।
6. फैशन/ब्यूटी प्रोडक्ट हैंडबैग, मेकअप किट, परफ्यूम स्टाइल और पर्सनालिटी को निखारने वाला।
7. कैश (नकद) शगुन के रूप में हर उम्र की बहन को पसंद आता है और लचीलापन देता है।
8. अनुभव गिफ्ट मूवी टिकट, ट्रैवल पैकेज, स्पा बुकिंग साथ समय बिताने और यादें बनाने का मौका।

 

रक्षाबंधन पर क्या नहीं करना चाहिए –

क्रमांक क्या न करें कारण
1. भद्रा काल में राखी न बाँधें भद्रा काल को अशुभ माना जाता है, इस समय शुभ कार्य नहीं किए जाते।
2. राहु काल में पूजा न करें राहु काल में शुभ कार्यों की सफलता कम मानी जाती है।
3. खाली हाथ राखी बाँधने न जाएँ परंपरा के अनुसार मिठाई या नारियल ले जाना शुभ माना जाता है।
4. क्रोध या झगड़ा न करें यह दिन प्रेम और एकता का प्रतीक है, नकारात्मक माहौल अशुभ माना जाता है।
5. काले या फीके कपड़े न पहनें त्योहार पर पीला, लाल, हरा जैसे शुभ रंग पहनना अच्छा माना जाता है।
6. राखी टूटने या गिरने न दें इसे अशुभ संकेत माना जाता है।
7. अशुद्ध हाथों से पूजा न करें पूजा से पहले हाथ-मुँह धोकर शुद्ध होकर ही राखी बाँधें।
8. नॉन-वेज और शराब से परहेज़ करें धार्मिक महत्व के कारण इस दिन सात्विक भोजन किया जाता है।

 

Leave a Comment