“PM Narendra Modi Birthday 2025: प्रेरणादायी जीवन और उपलब्धियाँ”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन: एक प्रेरणादायी जीवन यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन 17 सितम्बर 1950 को हुआ था।

मतलब साल 2025 में वे 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। हर साल 17 सितंबर का दिन भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खास होता है। यह वही दिन है जब भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ था। गुजरात के एक छोटे से कस्बे वडनगर से निकलकर, एक चाय बेचने वाले बच्चे ने विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन किया—यह कहानी हर भारतीय को गर्व से भर देती है। मोदी जी का जीवन हमें सिखाता है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी हों, मेहनत, ईमानदारी और दूरदृष्टि से सफलता पाई जा सकती है।

मोदी जी की कुल सम्पत्ति कितनी है 

  • 2024 के लोकसभा चुनाव के हलफनामे में उन्होंने कुल ₹3.02 करोड़ की संपत्ति की घोषणा की है।

  • इसमें उनकी अधिकांश संपत्ति moveable assets (जैसे Fixed Deposits, बैंक बैलेंस, नकद, गहने, बचत योजनाएँ) की है

  • उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कोई मकान (house), कोई जमीन (land), कार या 

🔍 संपत्ति का ब्योरा (2024 के आधार पर)

यहाँ यह बताया गया है कि इस ₹3.02 करोड़ कितनी कितनी चीजों में है:

प्रमाणित घटक राशि / विवरण
SBI में Fixed Deposits लगभग ₹2.86 करोड़
बैंक में बचत / बैंक खाते (saving accounts) ₹80,304
हाथ में नकद (cash in hand) ₹52,920
National Savings Certificates (NSC) लगभग ₹9.12 लाख
गहने (चौड़ी/ अंगूठियाँ) चार सोने की अंगूठियाँ — लगभग ₹2.68 लाख

प्रमुख स्थान और तरीके जहाँ जन्मदिन मनाया गया

स्थान कैसे मनाया गया / विशेष आयोजन
धार, मध्य प्रदेश — पीएम मोदी ने यहाँ ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान और ‘राष्ट्रव्यापी पोषण माह’ लॉन्च किया। साथ ही PM MITRA (Mega Integrated Textile Region and Apparel) पार्क की शुरुआत कई गई
दिल्ली — सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम की शुरुआत हुई, और विशेष जनकल्याण व स्वास्थ्य गतिविधियाँ आयोजित हुईं।
वाराणसी, उत्तर प्रदेश — उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ₹111 करोड़ की विकास परियोजनाएँ उद्घाटित की गईं; साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
अहमदाबाद, मणिनगर — फूलों से भारत का नक्शा बनाया गया और गरबा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
राजस्थान, जयपुर — “नमो प्रदर्शनी” (Namo Exhibition) लगी जिसमें मोदी जी के जीवन की उपलब्धियाँ, सरकार की योजनाएँ और अन्य झलकियाँ प्रदर्शित की गईं।
ओडिशा, पुरी — पुरी तट पर सैंड आर्ट (बालू कला) से उनकी 75वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम हुए।
बिकानेर, राजस्थान — Seva Pakhwada के अंतर्गत साइकिल रैली आयोजित

बचपन और संघर्ष

नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाना जिले के वडनगर में हुआ। उनका परिवार साधारण आर्थिक स्थिति से जुड़ा था। उनके पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे। बचपन में मोदी जी ने भी पिता की मदद करते हुए चाय बेची। यही कारण है कि उनकी जिंदगी आम आदमी से जुड़ी रही।

छोटी उम्र में ही उनके अंदर देशभक्ति की भावना थी। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और अनुशासन, सेवा तथा राष्ट्रहित के संस्कार पाए। यही संस्कार आगे चलकर उन्हें राजनीति के मैदान में ले आए।


शिक्षा और शुरुआती सफर

मोदी जी ने वडनगर से ही अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन में वे पढ़ाई के साथ-साथ नाटकों और भाषण प्रतियोगिताओं में भी भाग लेते थे। बाद में उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

युवा अवस्था में मोदी जी ने घर-परिवार छोड़कर देशभर की यात्राएं कीं। उन्होंने साधु-संतों और आश्रमों में समय बिताया और भारत की विविधता को करीब से जाना। यह अनुभव उनके व्यक्तित्व को और गढ़ता चला गया।


राजनीति में प्रवेश

नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आरएसएस से शुरू हुआ। संगठन में उनकी मेहनत, रणनीति और लोगों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें जल्द ही पहचान दिलाई। 2001 में उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया। उस समय राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। मोदी जी ने राहत और पुनर्वास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया और गुजरात को विकास की नई राह पर ले गए।

2001 से 2014 तक लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने विकास पुरुष की छवि बनाई।


प्रधानमंत्री बनने की यात्रा

2014 का लोकसभा चुनाव भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बड़ा मोड़ था। नरेंद्र मोदी ने “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देकर पूरे देश में उम्मीद की लहर पैदा की। भारी बहुमत से वे प्रधानमंत्री बने।

उनके नेतृत्व में देश में कई ऐतिहासिक फैसले हुए—

  • जन धन योजना से करोड़ों गरीबों के बैंक खाते खुले।

  • स्वच्छ भारत अभियान ने देशभर में सफाई की अलख जगाई।

  • आयुष्मान भारत योजना ने गरीबों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा दी।

  • मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने उद्योग, तकनीक और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया।

2019 में वे दोबारा भारी बहुमत से प्रधानमंत्री बने और यह साबित कर दिया कि जनता उनके विजन पर भरोसा करती है।


अंतरराष्ट्रीय छवि

मोदी जी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विश्व पटल पर भी एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित हुए। उनके नेतृत्व में भारत ने जी-20, ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।

विदेश यात्राओं के दौरान वे भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिकता का संदेश पूरी दुनिया में पहुँचाते रहे। आज भारत को विश्व राजनीति में अहम स्थान दिलाने का श्रेय काफी हद तक नरेंद्र मोदी को जाता है।


जन-जन के नेता

मोदी जी की सबसे बड़ी खासियत है कि वे आम जनता से जुड़े हुए हैं। चाहे गरीब हो या किसान, जवान हो या महिला—उनकी योजनाएँ समाज के हर वर्ग के लिए बनाई गई हैं। वे अपने मन की बात कार्यक्रम के जरिए सीधे जनता से संवाद करते हैं।

सोशल मीडिया का भी वे प्रभावी उपयोग करते हैं। यही वजह है कि युवा वर्ग में उनकी लोकप्रियता बेहद ज्यादा है।


जन्मदिन पर सेवा और संकल्प

हर साल मोदी जी का जन्मदिन अलग अंदाज में मनाया जाता है। भाजपा कार्यकर्ता और उनके समर्थक इसे “सेवा दिवस” के रूप में मनाते हैं। इस दिन जगह-जगह रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, गरीबों को भोजन वितरण और अन्य सामाजिक कार्य किए जाते हैं।

मोदी जी खुद भी कहते हैं कि उनका जन्मदिन किसी उत्सव से ज्यादा, देश की सेवा और गरीबों के जीवन में सुधार लाने का संकल्प होना चाहिए।


आलोचना और चुनौतियाँ

एक नेता का जीवन सिर्फ तारीफों से भरा नहीं होता। मोदी जी को भी कई मुद्दों पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है—चाहे वह नोटबंदी का फैसला हो, कृषि कानून हों या विपक्षी दलों से जुड़ी चुनौतियाँ। लेकिन उनकी सबसे बड़ी ताकत है कि वे आलोचना को भी सुधार और नए प्रयोगों के अवसर के रूप में लेते हैं।


मोदी जी से प्रेरणा

नरेंद्र मोदी का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचना यह बताता है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

उनका जीवन संदेश देता है—

  • बड़े सपने देखो और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करो।

  • कभी भी संघर्षों से हार मत मानो।

  • हमेशा देश और समाज को प्राथमिकता दो।

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