“Zero Effect, Zero Defect” योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विश्वस्तरीय और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है। यह नारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में “Make in India” अभियान के तहत दिया था।
विस्तृत सारांश
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Zero Effect (शून्य प्रभाव)
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उत्पादन प्रक्रिया से प्रदूषण, बर्बादी और प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान कम से कम हो।
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ऊर्जा, पानी और कच्चे माल का संतुलित व जिम्मेदार उपयोग।
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पर्यावरण के अनुकूल तकनीक का इस्तेमाल।
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Zero Defect (शून्य दोष)
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उत्पाद की गुणवत्ता इतनी उच्च हो कि किसी भी देश में उसे खारिज न किया जाए।
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निर्माण में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन।
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ग्राहकों को 100% संतोष देने वाला उत्पाद।
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लक्ष्य
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‘Make in India’ को ग्लोबल ब्रांड बनाना।
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भारतीय उत्पादों को पर्यावरण-अनुकूल और गुणवत्ता में श्रेष्ठ साबित करना।
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निर्यात बढ़ाना और विदेशी बाजार में भरोसा कायम करना।
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फायदे
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प्रदूषण में कमी और पर्यावरण संरक्षण।
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उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता में वृद्धि।
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देश की अर्थव्यवस्था और रोज़गार में सुधार।
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